साइबर ठगी से बचने के लिए जयपुर पुलिस की विशेष एडवाइजरी जारी



जयपुर। साइबर धोखाधड़ी की जांच के दौरान यदि आपका बैंक खाता अनपेक्षित रूप से Freeze या Hold हो गया है, तो अब परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। राजस्थान पुलिस पीड़ित नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने और साइबर अपराधों पर कड़ा प्रहार करने के लिए एक विशेष "GRM मॉड्यूल" (Grievance Redressal Mechanism) लेकर आई है।

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के सहयोग से लागू किए गए इस मॉड्यूल के बाद अब प्रभावित लोगों को अदालतों और दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस नई व्यवस्था के तहत बैंक खातों से जुड़ी समस्याओं का समाधान पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
खाता अनफ्रीज कराने की आसान प्रक्रिया:
  • 1️⃣ बैंक में आवेदन: सबसे पहले अपनी बैंक शाखा जाकर 'खाता अनफ्रीज' करने का लिखित आवेदन दें।
  • 2️⃣ Grievance ID जेनरेशन: इसके बाद बैंक आपके केवाईसी (KYC) और ट्रांजैक्शन का सत्यापन करेगा और एक 'Grievance ID' जेनरेट करेगा।
  • 3️⃣ त्वरित निर्णय: पुलिस जांच अधिकारी ट्रांजैक्शन ट्रेल (लेनदेन के रिकॉर्ड) की जांच करेंगे। जरूरत होने पर वीडियो कॉल द्वारा आपका पक्ष सुनकर खाता अनफ्रीज करने का त्वरित निर्णय लिया जाएगा।

थाना स्तर पर सुनवाई न होने पर क्या करें?
यदि थाना स्तर पर आपकी समस्या की सुनवाई नहीं होती है, तो आप अपनी शिकायत को लेकर जिला या राज्य स्तर के G.R.O. (Grievance Redressal Officer) के पास अपील दर्ज करा सकते हैं।
सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी:
  • सावधान रहें और अपनी बैंक डिटेल या ओटीपी (OTP) किसी भी व्यक्ति से साझा न करें।
  • साइबर अपराध की शिकायत के लिए तुरंत 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक वेबसाइट http://cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

- अमित कुमार, गोविंदगढ़
Share on Google Plus

It's INDIA (Hindi Weekly) - Press Reporter

PRESSreporter.in साप्ताहिक हिंदी समाचार पत्र 'इट्स इंडिया' की आधिकारिक वेबसाइट है। 'इट्स इंडिया' राजनीतिक, समसामयिक, सकारत्मक एवं रचनात्मक पत्रकारिता करता है। हम सामाजिक मुद्दों के साथ सकारत्मक रिपोर्टिंग को भी प्रमुखता से प्रकाशित करते हैं। 'इट्स इंडिया' समाचार समूह का उद्देश्य आम जनता, स्वतंत्र लेखकों, पी.आर. प्रोफेशनल्स और सिटीजन जर्नलिस्ट को एक स्वतंत्र मंच प्रदान करना है। हम खबरों के साथ एक स्थायी डिजिटल विरासत (Digital Legacy) बनाने के साथ अखबार और वेबसाइट पर प्रकाशन सुनिश्चित करते हैं।

0 : PRESS Reporter:

Post a Comment